तो दोस्तों....डेटा सायन्स होता क्या हैं?...... डेटा सायंटिस्ट होता क्या हैं ?.... बहोत जादा ट्रेण्ड के अंदर है... क्या ये फ्युचर है ?....क्या डिजिटल मार्केटिंग को ये खतम के देगा?....क्या डिजिटल मार्केटिंग ओर डाटा साइंस साथ मे चाल सकता है?...भाई यह डाटा साइंस चीझ है क्या ? समझा दू सारा का सारा .....
अब डाटा सायन्स है क्या पहले समज लेते है...डाटा सायन्स का मतलब क्या है ... हमने डाटा को अनालाईज करते मार्केटिंग का कोई डिसिजन लिया. ईसी को कहा जाता है डाटा सायन्स.......अब इसके उपर प्रोग्रामिंग करके बनाओ एक्सेल के ऊपर बनाओ या फिर कोई भी अलग अलग प्लॅटफॉर्म के ऊपर बनाओ .... डाटा सायन्स डाटा सायन्स ही रहेगा....
अब डाटा सायन्स के अंदर 2 बडी चिजे आती है जो लोगोको लगता है की भाई ये बोहोत बडी चीझ है... उनमे 1 है AI.... Artificial intelligence...
1 है machine learning...
अब ईनको समझने की कोशिश करते है ... आपने CRM बनाना सीख लिया अब आपकी छोटीसी कंपनी है ... आप आराम से बैठके डाटा इंटर करते रहोगे बंदा बिठा दो 1 डाटा एन्ट्री वाला वो डाटा एन्ट्री करेगा दिन का 100 डाटा आयेगा अगर आपके पास ४००० या ५००० का डाटा होगा तो आप आरामसे एक्सेल के अंदर फायबर चार्ट फायबर टेबल बनाओगे और आपका काम हो जाएगा. और अगर ये डाटा बहोत बडा हो जाएगा... अगर आप गुगल को अनालाईज करना चाह रहे हो या फॉर कोई ऐसी कंपनी की करना चाह रहे हो जीसकी 100 ब्रांचेस है और हर 1 ब्रांच का रोज का डाटा आ रहा है 1 ... 1 लाख का क्या उसे आप एक्सेल के अंदर ढंग से एडिट के पाओगे क्या ढंग से कम के पाओगे ... हो सकता है बहुत सारी चिझे monitise तरीके से चलती हो की 1 डाटा आएगा उसको उठायेगे उसमे प्लस करगे माईनस करेगे जैसे हम एक्सेल मी फॉर्म्युले लगा रहे हैं n vaise hi इसमे ये करेंगे वो करेंगे वही सारा चीझ हमने प्रोग्रामिंग के फॉर्म मे के दिया .... बस..... बन गया डाटा सायंटिस्ट.....मशीन लर्निग वाला सीन.... मशीन लर्निग का मतलब क्या है... मशीन सीख रही है की किस तरह से मनुष्य वर्तन कर रहे हैं. जैसे की आपने अभि ok Google बोला तो बहोत सारे फोन मे खुला बोहोत सारों के फोन मे नही खुला... तो जिसके बाद नही खुला तो आपकी मशीन को पता लगा की मे नही खुला. हम कभी व्हाट्सअप पर चाट करते है...आप उस चाट को क्या rate करना चाहोगे 1 करना चाहोगे 2 करना चाहोगे... तो आपने 5 रेट किया ओर किसी ओर ने 3 दिया तो इसने 3 क्यू दिया इसने 5 क्यू दिया और ब्रॉड व्हिजन की लिये इसको आनलाईज किया जा रहा है. कितने लोगो ने 5 दिया उनका नेटवर्क कितना था...उनके मोबाईल की स्पेसिफिकेशन क्या थी... क्या उनका माईक खराब तो नही था... सामनेवाली जिस बंदे से बात कर रहे थे उसका नेटवर्क कोनसा था... उसका मोबाइल कोनसा था.... प्रोसेसिंग कोनसी थी.... बहुत सारे अलग अलग ऑप्शन से है. एक्सेल के अंदर दो फॅक्टर्स को ऑपरेट करेंगे 3 फॅक्टर्स को कर लेंगे लेकिन उसे जादा करेंगे तो उसके लिए हमे काफी बडे कॉम्प्लेक्स सॉफ्टवेअर उठाने पडेंगे... और अगर हम कॉम्प्लेक्स आफ्टर उठाते है तो पैसा भी लगेगा इसलिये इसके अंदर कोडींग आ गई जो बहुत सारे डेटा को आनलाईज करना पडता है जो इंजीनियरिंग वाले है ना वो जो इंजीनियरिंग जानते है वो इंजिनिअरिंग वाला stats पढते है... जो भी stats जाणते है वो बहुत सारे डाटा को अनालईज करना पडता है तो स्टॅटिस्टिक्स युज करणा पडेगा तो जब टेक्नॉलॉजी नही अपग्रेड हुई थी तब statistics का यूज करते है जो हम exam देते है न लोग बोलते है भाई stats क्यू पढाया जा रहा है.... क्यू जिंदगी खराब की जा रही है... क्यूकी starting मे जब टेक्नॉलजी नहीं बढ हुइ थी तब stats mannual हूवा करता था ... अब क्या हुआ अब सॉफ्टवेअर बन गये जिससे क्या होता है वही सॉफ्टवेअर्स का सोलुशन बनके आपको मिल जायेगा अब मान के चलो हमे कोई ऐसी चीज बनाने है जिसके नाम का सॉफ्टवेअर कोई है नही हमको कुछ कस्टम चीज बनाने है जिसके नाम की कोई चीज बनी है तो हम क्या करेंगे अपने नाम का कोड बनाये जसे एक्सेल के अंदर कुछ फॉर्मुले जनरेट की हुई थी वैसे कोड बानायेंगे जिसके behalf पर हम अपना कोड बनायेंगे और statistics के डाटा को एक्झिक्युट करेंगे इससे फायदा क्या होगा इससे सबसे पहले तो हमारा प्रॉडक्ट improve होगा आप व्हाट्सअप को रेटिंग दे रहे है दो तीन पाच वगैरे वगैरे तो व्हाट्सअप के पास आपका डेटा जा रहा है तू सही नाही चला इसके बाद ये खुद को इम्प्रूव करेगा..अगर कोई सर्विस इंडस्ट्री है जसे किसी स्टोअर के बहुत ही जादा लेवल पर निगेटिव्ह रीडिंग आ रहे है तो ओव्हर ऑल कंपनी देख सकती है की भाई ये चीज अच्छी नही है यहा पे इस चीज मे प्रॉब्लेम आ रही है इसलिये कोई भी सर्विस इंडस्ट्री.. इसीलिये अगर कोई बडी सर्विस इंडस्ट्री हे वो सर्विस देने के बाद आपसे फीडबॅक फॉर्म भरवाती है.. अगर पुराने जमाने की बात करके चले वह फीडबॅक फॉर्म मॅन्युअल होते ते पेपर के अंदर भरवाये जाते थे.... इस चक्कर मे आपने बहुत लोगों का नाम सुना होगा जो डेटा एन्ट्री का काम करते है वो डेटा एन्ट्री का क्या काम करते है... वो क्या करते है वो जो शीट है... उसको एक्सेल के अंदर नोट करते है और अब वो डेटा कहा जाता है... व डेटा कंपायल होके कंपनी का मतलब क्या है कंपनी मतलब अगर दिल्ली मे पचास कैसे और दुसरे बाकी सहरो मे भी पचास पचास कैसे तो कम्पाइल मे दिल्ली के पचास शहर के पचास ऐसा सेपरेट सेपरेट ओके आनलाईस किया जाता है और उसने पता किया जाता है की इसमे क्या हो रहा है..... क्या चीज लोगों का अच्छी लग रही है क्या अच्छे नही लग रही है..... क्या ये हमारा नया लोशन आया है लोग पसंद कर रहे है या नही कर रहे है.... अब ये चीज आप सोच भी नही सकते कितनी बडी चीज है.... हर चीज मे डेटा सायंटिस्ट युज हो रहा है... चाहे आप ॲमेझॉन से कोई प्रॉडक्ट खरीद रहे हो या बेच रहे हो... छोटी कंपनी की बात नही हो रही है यहा पे बडी कंपनी की बात हो रही है... या जिनके पास डाटा जाता है जो बिग डेटा पर प्रोसेसिंग करते है... जो ज्यादा डेटा पर ऑपरेट कर रहे है उनकी बात हो रही है... उनका ध्यान हर जगह पे है जहा पे भी होणे अपना प्रोडक्ट improve करना है... सर्विस करना है या फिर उनको अपना प्रोसेस इम्प्रूव करना है... अब कोई मशीन है ठीक है कुछ माल बनाती है... वहापे उन्होंने एक डेटा सायंटिस्ट बैठा दिया है जो ध्यान रखता है की कहा कहा पे एरर आ रहा है... उसे कितना टाइम देना चाहिए किस किस प लर्निंगर कितना टाइम लगता है... ये स्टेटस के अंदर आपने पढा होगा..
डेटा सायंटिस्ट का मतलब ये नही है कि वो कोडर बन जायेगा डेटा सायंटिस्ट का काम है डेटा को आनलाईज करना डेटा को इंटरप्रेट करना और उसके अंदर डिसिजन लेना... मे आपको एक एक्झाम्पल देती है अगर आपके पास दो कॅंडीज हे और आपको होने बेचना है एक है मँगो फ्लेवर दुसरी हे ऑरेंज फ्लेवर की मँगो फ्लेवर जादा लोगो ने पसंत की तो आप मँगो फ्लेवर की प्रोडक्शन बढवा दोगे ओर ऑरेंज फ्लेवर की कम कर दोगे क्या आप सोच रहे हो ये किस लेवल का विजन है.... अगर आप डेटा सायंटिस्ट बन गये तो स्टार्टिंग लेवल मे आप इतना नही सोच पाओगे लेकिन स्टार्टिंग मै आपको जाता कुछ सीखने को मिलेगा... और आने वाले वक्त कितने भी बिजनेस होके ना छोटे-मोठे नही बडे बडे बिजनेस भी व सारी की सारी डेटा devine approch पर चलेंगे अ फीडबॅक फॉर्मस भरते है किसी मॉल के अंदर या किसी कॅफे के अंदर कूच तला हुवा है या कोई ज्यूस है तो उसके samples वो हमे देते हैं .... उसका फीडबॅक फॉर्म्स भरवते हे क्या करते है उसका पता लगा क्या करते है.... तो आहे सारा का सारा डेटा सायन्स तो समज मे आया....
उम्मिद करता हु सारा समझ मे आया होगा .......
डाटा सायन्स के बारे मे कुछ प्रश्न ओर उनके उत्तर..
1. डाटा सायन्स के 2 महत्त्वपूर्ण फेक्टर्स जिनके बीना डाटा सायन्स कुछ भी नहीं है?
उत्तर ... 1) आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स ,
2) मशीन लर्निग.....
2. डाटा सायन्स क्या हैं ?
उत्तर ...हमने डाटा को अनालाईज करते मार्केटिंग का कोई डिसिजन लिया. ईसी को कहा जाता है डाटा सायन्स.......अब इसके उपर प्रोग्रामिंग करके बनाओ एक्सेल के ऊपर बनाओ या फिर कोई भी अलग अलग प्लॅटफॉर्म के ऊपर बनाओ उसे ही डाटा सायन्स कहा जाता है.
3. डाटा सायन्स का उदाहरण स्पष्ट करे ?
उत्तर...अगर आपके पास दो कॅंडीज हे और आपको उन्हे बेचना है एक है मँगो फ्लेवर दुसरी हे ऑरेंज फ्लेवर की मँगो फ्लेवर जादा लोगो ने पसंत की तो आप मँगो फ्लेवर की प्रोडक्शन बढवा दोगे ओर ऑरेंज फ्लेवर की कम कर दोगे क्या आप सोच रहे हो ये किस लेवल का विजन है.यही है डाटा सायन्स का उत्तम उदाहरण...
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