डाटा सायन्स ( data science) information in Hindi..

                    Data science

तो दोस्तों....डेटा सायन्स होता क्या हैं?...... डेटा सायंटिस्ट होता क्या हैं ?.... बहोत जादा ट्रेण्ड के अंदर है... क्या ये फ्युचर है ?....क्या डिजिटल मार्केटिंग को ये खतम के देगा?....क्या डिजिटल मार्केटिंग ओर डाटा साइंस साथ मे चाल सकता है?...भाई यह डाटा साइंस चीझ है क्या ? समझा दू सारा का सारा .....
    अब डाटा सायन्स है क्या पहले समज लेते है...डाटा सायन्स का मतलब क्या है ... हमने डाटा को अनालाईज करते मार्केटिंग का कोई डिसिजन लिया. ईसी को कहा जाता है डाटा सायन्स.......अब इसके उपर प्रोग्रामिंग करके बनाओ एक्सेल के ऊपर बनाओ या फिर कोई भी अलग अलग प्लॅटफॉर्म के ऊपर बनाओ .... डाटा सायन्स डाटा सायन्स ही रहेगा....
      अब डाटा सायन्स के अंदर 2 बडी चिजे आती है जो लोगोको लगता है की भाई ये बोहोत बडी चीझ है... उनमे 1 है AI.... Artificial intelligence...
1 है machine learning...
   अब ईनको समझने की कोशिश करते है ... आपने CRM बनाना सीख लिया अब आपकी छोटीसी कंपनी है ... आप आराम से बैठके डाटा इंटर करते रहोगे बंदा बिठा दो 1 डाटा एन्ट्री वाला वो डाटा एन्ट्री करेगा दिन का 100 डाटा आयेगा अगर आपके पास ४००० या ५००० का डाटा होगा तो आप आरामसे एक्सेल के अंदर फायबर चार्ट फायबर टेबल बनाओगे और आपका काम हो जाएगा. और अगर ये डाटा बहोत बडा हो जाएगा... अगर आप गुगल को अनालाईज करना चाह रहे हो या फॉर कोई ऐसी कंपनी की करना चाह रहे हो जीसकी 100 ब्रांचेस है और हर 1 ब्रांच का रोज का डाटा आ रहा है 1 ... 1 लाख का क्या उसे आप एक्सेल के अंदर ढंग से एडिट के पाओगे क्या ढंग से कम के पाओगे ... हो सकता है बहुत सारी चिझे monitise तरीके से चलती हो की 1 डाटा आएगा उसको उठायेगे उसमे प्लस करगे माईनस करेगे जैसे हम एक्सेल मी फॉर्म्युले लगा रहे हैं n vaise hi इसमे ये करेंगे वो करेंगे वही सारा चीझ हमने प्रोग्रामिंग के फॉर्म मे के दिया .... बस..... बन गया डाटा सायंटिस्ट.....मशीन लर्निग वाला सीन.... मशीन लर्निग का मतलब क्या है... मशीन सीख रही है की किस तरह से मनुष्य वर्तन कर रहे हैं. जैसे की आपने अभि ok Google बोला तो बहोत सारे फोन मे खुला बोहोत सारों के फोन मे नही खुला... तो जिसके बाद नही खुला तो आपकी मशीन को पता लगा की मे नही खुला. हम कभी व्हाट्सअप पर चाट करते है...आप उस चाट को क्या rate करना चाहोगे 1 करना चाहोगे 2 करना चाहोगे... तो आपने 5 रेट किया ओर किसी ओर ने 3 दिया तो इसने 3 क्यू दिया इसने 5 क्यू दिया और ब्रॉड व्हिजन की लिये इसको आनलाईज किया जा रहा है. कितने लोगो ने 5 दिया उनका नेटवर्क कितना था...उनके मोबाईल की स्पेसिफिकेशन क्या थी... क्या उनका माईक खराब तो नही था... सामनेवाली जिस बंदे से बात कर रहे थे उसका नेटवर्क कोनसा था... उसका मोबाइल कोनसा था.... प्रोसेसिंग कोनसी थी.... बहुत सारे अलग अलग ऑप्शन से है. एक्सेल के अंदर दो फॅक्टर्स को ऑपरेट करेंगे 3 फॅक्टर्स को कर लेंगे लेकिन उसे जादा करेंगे तो उसके लिए हमे काफी बडे कॉम्प्लेक्स सॉफ्टवेअर उठाने पडेंगे... और अगर हम कॉम्प्लेक्स आफ्टर उठाते है तो पैसा भी लगेगा इसलिये इसके अंदर कोडींग आ गई जो बहुत सारे डेटा को आनलाईज करना पडता है जो इंजीनियरिंग वाले है ना वो जो इंजीनियरिंग जानते है वो इंजिनिअरिंग वाला stats पढते है... जो भी stats जाणते है वो बहुत सारे डाटा को अनालईज करना पडता है तो स्टॅटिस्टिक्स युज करणा पडेगा तो जब टेक्नॉलॉजी नही अपग्रेड हुई थी तब statistics का यूज करते है जो हम exam देते है न लोग बोलते है भाई stats क्यू पढाया जा रहा है.... क्यू जिंदगी खराब की जा रही है... क्यूकी starting मे जब टेक्नॉलजी नहीं बढ हुइ थी तब stats mannual हूवा करता था ... अब क्या हुआ अब सॉफ्टवेअर बन गये जिससे क्या होता है वही सॉफ्टवेअर्स का सोलुशन बनके आपको मिल जायेगा अब मान के चलो हमे कोई ऐसी चीज बनाने है जिसके नाम का सॉफ्टवेअर कोई है नही हमको कुछ कस्टम चीज बनाने है जिसके नाम की कोई चीज बनी है तो हम क्या करेंगे अपने नाम का कोड बनाये जसे एक्सेल के अंदर कुछ फॉर्मुले जनरेट की हुई थी वैसे कोड बानायेंगे जिसके behalf पर हम अपना कोड बनायेंगे और statistics के डाटा को एक्झिक्युट करेंगे इससे फायदा क्या होगा इससे सबसे पहले तो हमारा प्रॉडक्ट improve होगा आप व्हाट्सअप को रेटिंग दे रहे है दो तीन पाच वगैरे वगैरे तो व्हाट्सअप के पास आपका डेटा जा रहा है तू सही नाही चला इसके बाद ये खुद को इम्प्रूव करेगा..अगर कोई सर्विस इंडस्ट्री है जसे किसी स्टोअर के बहुत ही जादा लेवल पर निगेटिव्ह रीडिंग आ रहे है तो ओव्हर ऑल कंपनी देख सकती है की भाई ये चीज अच्छी नही है यहा पे इस चीज मे प्रॉब्लेम आ रही है इसलिये कोई भी सर्विस इंडस्ट्री.. इसीलिये अगर कोई बडी सर्विस इंडस्ट्री हे वो सर्विस देने के बाद आपसे फीडबॅक फॉर्म भरवाती है.. अगर पुराने जमाने की बात करके चले वह फीडबॅक फॉर्म मॅन्युअल होते ते पेपर के अंदर भरवाये जाते थे.... इस चक्कर मे आपने बहुत लोगों का नाम सुना होगा जो डेटा एन्ट्री का काम करते है वो डेटा एन्ट्री का क्या काम करते है... वो क्या करते है वो जो शीट है... उसको एक्सेल के अंदर नोट करते है और अब वो डेटा कहा जाता है... व डेटा कंपायल होके कंपनी का मतलब क्या है कंपनी मतलब अगर दिल्ली मे पचास कैसे और दुसरे बाकी सहरो मे भी पचास पचास कैसे तो कम्पाइल मे दिल्ली के पचास शहर के पचास ऐसा सेपरेट सेपरेट ओके आनलाईस किया जाता है और उसने पता किया जाता है की इसमे क्या हो रहा है..... क्या चीज लोगों का अच्छी लग रही है क्या अच्छे नही लग रही है..... क्या ये हमारा नया लोशन आया है लोग पसंद कर रहे है या नही कर रहे है.... अब ये चीज आप सोच भी नही सकते कितनी बडी चीज है.... हर चीज मे डेटा सायंटिस्ट युज हो रहा है... चाहे आप ॲमेझॉन से कोई प्रॉडक्ट खरीद रहे हो या बेच रहे हो... छोटी कंपनी की बात नही हो रही है यहा पे बडी कंपनी की बात हो रही है... या जिनके पास डाटा जाता है जो बिग डेटा पर प्रोसेसिंग करते है... जो ज्यादा डेटा पर ऑपरेट कर रहे है उनकी बात हो रही है... उनका ध्यान हर जगह पे है जहा पे भी होणे अपना प्रोडक्ट improve करना है... सर्विस करना है या फिर उनको अपना प्रोसेस इम्प्रूव करना है... अब कोई मशीन है ठीक है कुछ माल बनाती है... वहापे उन्होंने एक डेटा सायंटिस्ट बैठा दिया है जो ध्यान रखता है की कहा कहा पे एरर आ रहा है... उसे कितना टाइम देना चाहिए किस किस प लर्निंगर कितना टाइम लगता है... ये स्टेटस के अंदर आपने पढा होगा..
     डेटा सायंटिस्ट का मतलब ये नही है कि वो कोडर बन जायेगा डेटा सायंटिस्ट का काम है डेटा को आनलाईज करना डेटा को इंटरप्रेट करना और उसके अंदर डिसिजन लेना... मे आपको एक एक्झाम्पल देती है अगर आपके पास दो कॅंडीज हे और आपको होने बेचना है एक है मँगो फ्लेवर दुसरी हे ऑरेंज फ्लेवर की मँगो फ्लेवर जादा लोगो ने पसंत की तो आप मँगो फ्लेवर की प्रोडक्शन बढवा दोगे ओर ऑरेंज फ्लेवर की कम कर दोगे क्या आप सोच रहे हो ये किस लेवल का विजन है.... अगर आप डेटा सायंटिस्ट बन गये तो स्टार्टिंग लेवल मे आप इतना नही सोच पाओगे लेकिन स्टार्टिंग मै आपको जाता कुछ सीखने को मिलेगा... और आने वाले वक्त कितने भी बिजनेस होके ना छोटे-मोठे नही बडे बडे बिजनेस भी व सारी की सारी डेटा devine approch पर चलेंगे अ फीडबॅक फॉर्मस भरते है किसी मॉल के अंदर या किसी कॅफे के अंदर कूच तला हुवा है या कोई ज्यूस है तो उसके samples वो हमे देते हैं .... उसका फीडबॅक फॉर्म्स भरवते हे क्या करते है उसका पता लगा क्या करते है.... तो आहे सारा का सारा डेटा सायन्स तो समज मे आया....
   उम्मिद करता हु सारा समझ मे आया होगा .......

 डाटा सायन्स के बारे मे कुछ प्रश्न ओर उनके उत्तर..
1. डाटा सायन्स के 2 महत्त्वपूर्ण फेक्टर्स जिनके बीना डाटा सायन्स कुछ भी नहीं है?
उत्तर ... 1) आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स ,
            2) मशीन लर्निग.....

2. डाटा सायन्स क्या हैं ?
उत्तर ...हमने डाटा को अनालाईज करते मार्केटिंग का कोई डिसिजन लिया. ईसी को कहा जाता है डाटा सायन्स.......अब इसके उपर प्रोग्रामिंग करके बनाओ एक्सेल के ऊपर बनाओ या फिर कोई भी अलग अलग प्लॅटफॉर्म के ऊपर बनाओ उसे ही डाटा सायन्स कहा जाता है.

3. डाटा सायन्स का उदाहरण स्पष्ट करे ?
उत्तर...अगर आपके पास दो कॅंडीज हे और आपको उन्हे बेचना है एक है मँगो फ्लेवर दुसरी हे ऑरेंज फ्लेवर की मँगो फ्लेवर जादा लोगो ने पसंत की तो आप मँगो फ्लेवर की प्रोडक्शन बढवा दोगे ओर ऑरेंज फ्लेवर की कम कर दोगे क्या आप सोच रहे हो ये किस लेवल का विजन है.यही है डाटा सायन्स का उत्तम उदाहरण...

ब्लॉक चेन (block chain) information in Hindi

                                                       Block chain engineering....
   क्या आपको कम्प्युटर सायन्स एक इंटरेस्टिंग सब्जेक्ट लगता है ?.... क्या आपको मॅच और उसके नंबर से फन नजर आता है ?..... क्या आपको न्यू टेक्नॉलॉजी को लर्न करने मे बहुत मजा आता है ?.... अगर हा तो कैसा लगे अगर आपको बिटकॉइन जेसी डिजिटल करन्सी के डेव्हलपमेंट के पीछे छुपी लॉजिक को लर्न करे... बहुत ही इंटरेस्टिंग रहेगा ना..... तो फिर आपके लिए ब्लॉकचेन इंजिनियर बनने का ऑप्शन भी शानदार ही साबित होगा.... इस लिये आपको इसके बारे मे जरूर ही सोचना चाहिए. लेकिन आप ब्लॉकचेन इंजीनियरिंग से जूडी जरुरी जानकारी का पता करे है तो ये इंतजार आज के इस ब्लॉग मे खतम होने वाला है..... क्योंकि आज हम पडेंगे ब्लॉगचेन इंजिनियर बनने के बारे मे यहा पे आपको ब्लॉक चेन इंजिनियर के बारे मे सारी जानकारी डिटेल्स मोजूद है तो फिर इसे पुरा पडे और ब्लॉकचेन इंजिनियर बनने के लिए तयार रहे......तो चलीये शुरू करते है....
      सबसे पहले ब्लॉगचेन technology एक्झॅक्टीली क्या है इस बारे मे जान लेते है.... block chain......
एक सॉफ्टवेअर टेक्नॉलजी है जो information को ब्लॉक वाइज सिस्टम मे रेकॉर्ड करती है . ताकी यूज कोई mannupulate ना कर सके.. और नाही कोई सिस्टम को हक्क कर सके. इस टेक्नॉलॉजीने फायनल सर्विसेस ओर सेक्युरिटी issues रेलेटेड बहोत सारी प्रॉब्लेम्स के सोल्युशन्स दिये है.. ओर ये technology केवल बँकिंग सेक्टर या crypto currency तक ही लिमिटेड नहीं है बल्की बोहोत से सेक्टर मे इसका यूज होने लगा है. जैसे ऑटोमेशन , हेल्थ केअर , मीडीया , एंटरटेनमेंट , रिटेल , ट्रॅव्हल , transportation etc .. यानी की इस करिअर मे बोहोत सी opportunities है. वैसे bolckchain इंडस्ट्री मे आप ब्लॉक चेन डेव्हलपर , ब्लॉक चेन एक्स्पर्ट , ब्लॉक चेन आर्किटेक्ट , प्रोजेक्ट मॅनेजर , UX designer , ब्लॉक चेन लीगल consultant , ब्लॉक चेन इंजिनियर ओर भी बहुत कुछ बन सकते हो. लेकिन ब्लॉकचेन इंजिनियर्स और ब्लॉग चेन डेव्हलपर्स की डिमांड तो ऑल ओव्हर वर्ल्ड है. और हायेस्ट सॅलरी पाने वाले इंजिनियर्स के नाम मे ब्लॉकचेन इंजिनियर का नाम है. तो बताईये हे ना ब्लॉक चेन एक शानदार करियर ऑप्शन.... इसलिये अब आगे हम जानते है एक ब्लॉक चेन इंजिनियर बनने का टोटल प्रोसेस... सबसे पहले जानते है की एक ब्लॉग चेन इंजिनियर होता क्या है ?.... और इसके रिस्पॉन्सिबिलिटी क्या क्या होती है ?...IBM , Coin base , HSBC जैसी शानदार कंपनीस ब्लॉग चेन टेक्नॉलॉजी का युज करते है और ऐसे हर एक कंपनी मे कंप्यूटर नेटवर्किंग , क्रिप्टोग्राफी , डेटा स्ट्रक्चर और अल्गोरिथम्स के डेव्हलपमेंट के पीछे एक ब्लॉकचेन इंजिनियर का माईंड ही होता है. जेसी Bitcoin ओर ethereum टेक्नॉलॉजी जैसी पर्टिक्युलर ब्लॉक चेन का एक्सपिरीयन्स भी होता हे. ब्लॉकचे इंजिनियर्स की रिस्पॉन्सिबिलिटी होती है... ब्लॉग चेन प्रोटोकॉल का रिसर्च डेव्हलपमेंट डिझाईन और टेस्टिंग करना... ब्लॉग चेन आर्किटेक्चर नेटवर्क डिझाईन करना... जिसका युज डेटा को सेंट्रलाइज्डलाइज आर डीसेंट्रलाइज करणे मे किया जा सके.. ब्लॉग चेन टेक्नॉलॉजी पर based न्यू एप्लीकेशन डेव्हलप करना और ब्लॉक चेन प्रोटोकॉल पर based बॅग अँड कोडींग लिखना... क्लायंट्स रिक्वायरमेंट के बेस पर फ्रंट अँड डेव्हलप करना.... टेक्नॉलॉजी डॉक्युमेंटेशन्स रिसोर्सेस को डेव्हलप करना और साथ है टीम अँड रिसोर्स मॅनेजमेंट .... यांनी ब्लॉगचेन इंजिनियर्स की तो बहुत सारी जिम्मेदारी होती है क्या आपने फुल फील करने के लिए तयार है अगर हा तोच लिये जानते है आप कैसे एक ब्लॉकचेन इंजिनिअर बन सकते है.... यांनी ब्लॉकचे इंजिनियर बनने का प्रोसेस क्या होता है....
     ब्लॉकचेन इंजिनियर बनने के लिए सबसे पहले आपको ट्वेल्थ सायन्स मॅथेमॅटिक्स यांनी की पीसीएम से कम्प्लीट करणे होगी..इसमे अच्छी पर्सेंटेज ला येतो की कुछ कॉलेज और यूनिवर्सिटीज बॅचलर प्रोग्राम मे मिनिमम 60% पर ऍडमिशन देती है. तो कुछ कॉलेजेस 70% पर ही ऍडमिशन देते है.. और बेस्ट कॉलेज मिलने का ये चान्स आपके हाथों से बिल्कुल भी नही निकलना चाहिए... इसीलिए ट्वेल्थ मे अच्छा स्कोर करे उसके बाद आप कंप्यूटर सायन्स मे BCA या BSC कर सकते है.. या फिर इन्फॉर्मेशन सिक्युरिटी मे भी बॅचलर्स डिग्री ले सकते है. इसके बाद आप कम्प्युटर सायन्स मे MCA या MSC कर सकते है. क्यूकी मास्टर्स डिग्री के इम्पॉर्टन्स तो आप भी जानते है.. और कुछ ऑर्गनायझेशन मास्टर डिग्री को प्रेफरन्स भी देती है. अगर इसके आगे भी आप लॉक चेंज टेक्नॉलॉजी की स्टडी करना चाहिए तो आगे भी रिसर्च मे M.PHIL या PHD भी कर सकते है. इसके अलावा आपके पास एक और भी ऑप्शन हो सकता है. यांनी आप चाहे तो ट्वेल्थ पीसीएम से करने के बाद कम्प्युटर सायन्स मे बी टेक कर सकते है और उसके बाद ब्लॉकचेन
टेक्नॉलॉजी मे कोई भी सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कर सकते है. सर्टिफिकेशन कोकाफी इम्पॉर्टन्स दि जाती है इसलिये आप ऑनलाइन ब्लॉग चेन सर्टिफिकेट कोर्सेस को भी कन्सिडर कर सकते है.      
    तोच लिये अब जानते है ब्लॉकचे इंजिनिअर बनने के लिए आपके पास कोनसे स्किल्स होना जरुरी है. और ए स्किल्स हे सॉफ्टवेअर डेव्हलपमेंट मे स्ट्रॉंग बॅकग्राऊंड , प्रोजेक्ट के अकॉर्डिंग C++ , JAVA , JAVASCRIPT , C# जेसी प्रोग्रामिंग लँग्वेजेस मे प्रोफेशननसी , कोड बेसेस के साथ वर्क करने का एक्सपीरियंस , ओपन सोर्स प्रोजेक्ट की प्रॅक्टिकल नॉलेज , स्टॅंडर्ड अल्गोरिदम और डेटा स्ट्रक्चर की नॉलेज , क्रिप्टोग्राफी की बेसिक अंडरस्टँडिंग, Bitcoin ओर ethereum जेसी टॉप ब्लॉक चेन का एक्सपीरियंस , हेड कोड लिखने की नॉलेज , पेअर टू पेअर नेटवर्क की नॉलेज etc .... अब अगर हम इन सबको एक साथ मिलाकर ब्लॉकचेन इंजिनियर बनने की स्टेप्स को समझने की कोशिश करे तो सबसे पहले आप सायन्स बॅकग्राऊंड चुस करिये ,  अच्छी रिझल्ट लायिये , उसके बाद कम्प्युटर सायन्स मे बॅचलर डिग्री कम्प्लीट करे , उसमे कम्प्युटर नेटवर्क प्रोग्रामिंग के बारे मे बेसिक स्किल्स को लर्न करे , उसके बाद प्रोफेशनल ब्लॉक चेन कोर्स या सर्टिफिकेशन कीजिए.... क्रिप्टो करेंसी सर्टिफिकेशन आपके करिअर को काफी अच्छी हाईट दे सकता है इसीलिए ऐसे भी कन्सिडर जरूर करे. लोकसेन प्लॅटफॉर्म इन डेप्थ नॉलेज लिजिये और ब्लॉग चेन इकोसिस्टीम और इसके स्टैंडर्ड को भी समजिये. ब्लॉग चेन डेव्हलपिंग टूल्स मे भी मास्टर करे क्यूकी आपको ब्लॉकचेन बनाना आसान हो जाये...
    अब बात है सॅलरी की तो एक फ्रेशर को मिलने वाली सॅलरी पाच लाख पर year  हो सकती है. ऑल एक्स्पिरियन्स के साथ के सॅलरी तो increase होती है जाएगी.. तो दोस्तो इसी तरह आप ब्लॉकचे इंजिनियर बनने के इंटरेस्ट के साथ साथ आपके इंटरेस्ट कभी फॉलो कर रहे होंगे.... साथ ही अपने करिअर को भी उडान देने के लिए तयार हो जायेंगे.. क्योंकि इसके बाद आपको इंडिया और दोनो तरफ करिअर opportunities मिल जायेगी. क्यो की ये एक ऐसी टेक्नॉलॉजी हे जीस मे डिमांड और स्कोप दोनो भी बढने वाला है.. लॉन्ग फ्रॉम तक बना रहने वाला है तो जिसके लिए आप जितने ऑफर्स करेंगे वो आपके लिए proof ful ही साबित होंगे. तो अगर आप वाकही मे ब्लॉकचे इंजिनियर बनना चाहते है तो इस ब्लॉक की मदत से ब्लॉकचे इंजिनिअर बनने की पुरी प्रोसेस को ध्यान से समज लीजिये. और इसके अकॉर्डिंग अपना करिअर प्लान बनाये.

1. Block chain engineering के लिये क्या डिग्री होना जरूरी है ?
उत्तर... ब्लॉक चेन इंजिनियर के लिये हमे 12 th को PCM ग्रुप से अच्छे रिझल्ट से पास होना होगा ओर उसके बाद कॉम्पुटर सायन्स के किसी भी graduation course को आप ले सकते हो .

2. ब्लॉक चेन इंडस्ट्री मे आपको क्या क्या काम दिये जा सकते हैं ?
उत्तर... bolckchain इंडस्ट्री मे आप ब्लॉक चेन डेव्हलपर , ब्लॉक चेन एक्स्पर्ट , ब्लॉक चेन आर्किटेक्ट , प्रोजेक्ट मॅनेजर , UX designer , ब्लॉक चेन लीगल consultant , ब्लॉक चेन इंजिनियर ओर भी बहुत कुछ बन सकते हो. 

3. ब्लॉक चेन फील्ड की नामवंत कंपनीज कोनसी है? 
उत्तर...IBM , Coin base , HSBC जैसी शानदार कंपनीस ब्लॉग चेन टेक्नॉलॉजी का युज करते है...

आर्टिफिशीयल इंटेलिजेंस मे जॉब्स , करियर ऑप्शन (career opportunities in artificial intelligence information in hindi )

 Career opportunities in artificial intelligence 

आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स मे करिअर ऑप्शन....


 एक टॉपिक जीसके बारे मे आजकल हर कोई बात कर रहा है ओर ये कह रहा है की फ्युचर बोले तो आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स ......  जी हा टेक सेक्टर के फास्टेस्ट ग्रोईंग सेक्टर मे ओर मोस्ट पॉप्युलर टेक्नॉलजीस मे से एक है... इस लिये आज AI जॉब्स की हाई डिमांड है ओर AI करिअर पुरी तरह फ्युचर प्रूफ कहा जा सकता है यांनी इस सेक्टर मे आने से केवल बेनेफिट्स ही मिलते जायेंगे... इसलिये आज की टाईम मे बाकी जॉब्स के कंपरिसन मे AI जॉब्स जादा प्रोमिसिंग नजर आ रही है . AI का अरिया इतना ब्रॉड होता जा रहा है की हेल्थ केअर , एज्युकेशन  , स्पोर्ट्स , अग्रेकल्चर , बँकिंग , मार्केटिंग , ई कॉमर्स ओर कन्स्ट्रक्शन जैसे बहोत सारे अरियास मे इसका यूज किया जाने लगा है..

  ॲपल , अमेझॉन , गुगल , फेसबुक , क्लारिफाई , केस टेक्स्ट , डीप माईंड ओर डाटा वायसोर ऐसी टॉप reporting companies है जो AI का यूज करती है. इस एरिया मे शार्प टॅलेंट को हायर करने के लिये एकदम तैय्यार बैठी है... अब ऐसे मे अगर आप भी अपना करिअर बनाना चाहते है या सोच रहे हैं तो आपको पता होना चाहिए की इस फील्ड मे आपके लिये कोण कोणसी करिअर oportunity उपलब्ध है... Available हैं एसी लिये आज इस ब्लॉग मे हम आपको ऐसी करिअर opportunities के बारे मे बताने वाले है... जो आपको ऑस्सम salary package ओर जबरदस्त growth दिला सकती है.तो ऐसे लास्ट तक जरूर पढे......

तो चलिये शुरू करते है ओर जाणते है की AI फील्ड मे मिलने वाले टॉप 8 करिअर ऑप्शन्स के बारे मे........

1. डाटा सायंटिस्ट ....

       बहोत सी large technical firms को अपनी कंपनी की ग्रोथ रिलेटेड इम्पॉर्टंट टास्क करने के लिए डेटा सायंटिस्ट की जरूरत पडती है. और डेटा सायंटिस्ट की बडौलत एक कंपनी के परफॉर्मन्स पर पॉझिटिव्ह इम्पॅक्ट पडता है. डेटा सायंटिस्ट बनने के लिए आपके पास मॅथेमॅटिक्स या कंप्यूटर सायन्स मे मास्टर्स डिग्री होनी चाहिये. और अगर आपके पास कोई आडवांस डिग्री है तो केहना ही क्या..... इसके साथ साथ मशीन लर्निंग के फिल्ड मे आपके पास एक्स्पिरियांस भी होना चाहिये . इसके अलावा आपका spark , Hadoop , pig , hive जैसे मॉर्डन टूल्स के साथ फ्रेंडली होना भी जरुरी है. और python , scala और SQL जसे प्रोग्रामिंग लँग्वेजेस मे भी आपको कम्फर्टेबल हो ना जरुरी है....


2. मशीन लर्निग इंजिनियर ......

      मशीन लर्निंग इंजिनियर्स की डीमांड बहुत तेजी से बढ रही है. मशीन लर्निंग इंजिनियर्स सेल्फ रनिंग सॉफ्टवेअर बिल करने के साथ उन्हे मेंटेन भी करते है. इस पोझिशन तक पोहोचणे के लिए आपका प्रोग्रामिंग कंप्युटिंग ओर मॅथेमॅटिक्स एक्सपिरीयन्स हो ना जरुरी है. मॅथेमॅटिक्स या कंप्यूटर सायन्स मे मास्टर्स डिग्री लेने से आपको मशीन लर्निंग इंजिनीयर की जॉब मे प्रेफरन्स भी मिल सकते है... ओर python , R , scala ओर java की नॉलेज तो आपके पास होने ही चाहिये. इनके आलावा सॉफ्टवेअर डेव्हलपमेंट टूल्स , क्लाऊड एप्लीकेशन , और कोडींग स्किल्स से आपका फॅमिलियर होना भी जरुरी होगा. अगर आप जल्ड से जलद इस फील्ड मे  एक्सपर्टीज मिलाना चाहते है तो मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स कोर्सेस करके अपने स्पेस को इन्हान्स कर सकते है...


3. बिग डेटा इंजिनियर.....

        डेटा इंजिनियर एक ऑर्गनायझेशन के बिग डेटा को कलेक्ट करके और उसे इफेक्टिव तरीके से ऍडमिनिस्टर भी करते है. इस पोझिशन पर पोहोचणे के लिए कम्प्युटर सायन्स या मॅथेमॅटिक्स मे मास्टर डिग्री होना जरुरी है और पीएचडी होल्डर्स को प्रेफरन्स भी जाती है.. बिग डेटा इंजिनियर के रूप मे अपना करिअर बनाने के लिए python , R ओर java जैसी प्रोग्रामिंग लँग्वेजेस की नॉलेज बहुत जरुरी है..ओर SQLओर apache spark जैसे स्किल्स भी आपको रेलेवंट करिअर ऑपॉर्च्युनिटीस दिला सकती है. इस फील्ड मे एक्सपर्टीज हसिल करने के लिए आप AI ke कोर्सस भी कर सकते हैं.


4. बिझनेस इंटेलिजन्स डेव्हलपर....

      अगर आप कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और डेटा सेट कि अच्छी नॉलेज रखते है तो इस पोझिशन तक पोहोच सकते है. एक बिझनेस इंटेलिजन्स डेव्हलपर को कॉम्प्लिकेटेड डेटा सेट को इव्होलिएट करके डिफरंट बिझनेस ट्रेंड्स का पता लगाते है.. हो बिझनेस इंटेलिजन्स सोल्युशन को तयार डेव्हलप ओर नरिश करके कंपनी के प्रॉफिट को इन्करिज करणे मे हेल्प करते है.. बिसनेस इंटेलिजन्स डेव्हलपर बनने के लिए आपके पास कम्प्युटर मॅथेमॅटिक्स या इंजीनियरिंग फील्ड मे बॅचलर डिग्री होनी चाहिए . इसके अलावा प्रॉब्लेम सॉल्विंग और analytical skills के साथ साथ आप ऍडव्हान्स डिग्री या नॉलेज लेंगे तो आपके चान्सेस बाकी candidate's के कम्पॅरिझन मे काफी ज्यादा बढ जायेंगे.....


5. AI इंजिनिअर.....

      आर्टिफिशल इंटेलिजन्स के डिफरंट मॉडेल्स को डेव्हलप , टेस्ट ओर apply करने का काम AI इंजिनियर बखुबी पुरा करते है. जो बहुत ही इफेक्टिव्ह तरीके से AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को हँडल करते है. एक AI इंजिनियर बनने के लिए सबसे पहले आपका इस फील्ड मे डीप इंटरेस्ट होना चाहिये और उसके साथ डेटा सायन्स, कम्प्युटर सायन्स या statistics मे बॅचलर या मास्टर की डिग्री होनी चाहिए ... इसके अलवा आपको मशीन लर्निंग और डेटा सायन्स मे सर्टिफिकेशन भी के लेना चाहिए टाकी आपको प्रेफरन्स और अडवांटेज मिल सके.आपको python , R , C++ जैसे प्रोग्रामिंग लँग्वेज मे भी एक्सपर्ट बनना होगा...


6. AI डाटा अनालिस्ट.....  

        Data mining , data cleaning ओर data interpretation करना 1 AI डाटा अनलिस्ट का काम होता हैं. इस पोझिशन पर काम करने के लिए आपके पास मॅथेमॅटिक्स या कंप्यूटर सायन्स मे बॅचलर डिग्री तो होनी ही चाहिये इसके साथ साथ MS Excel पर भी आपकी कमांड होनी चाहिये .


7. रोबोटिक सायंटिस्ट.....

     रोबोटिक सायंटिस्ट की डिमांड बहुत सी इंडस्ट्रीज मे बढने लगी है... एसे मे रोबोटिक सायंटिस्ट बनना भी एक अच्छा प्रोफेशन बन सकता है. रोबोटिक सायंटिस्ट के तोर पर काम करते हुए आप ऑपरेटिंग सिस्टम डिझाईन करणे और ऑपरेटिंग फंक्शन्स को टेस्ट करणे और मार्स प्रोड्यूस डिवाइस के कॉस्ट ॲनिमेशन के लिये रिस्पॉन्सिबल होंगे. एक रोबोटिक सायंटिस्ट बनने के लिए आपके पास रोबोटिक इंजीनियरिंग मेकॅनिकल इंजिनिअरिंग या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग मे बॅचलर डिग्री हो ना तो जरुरी है इसके अलावा अगर आपके पास आडवांस मॅथेमॅटिक्स , फिजिकल सायन्स , लाइफ सायन्स , कम्प्युटर सायन्स मे स्पेशलाइझेशन भी होगा और AI सर्टिफिकेशन्स भी तो आपको अपनी डिसाईड कंपनी मे रोबोटिक्स सायंटिस्ट की जॉब मिलने के चान्सेस काफी स्ट्रॉंग हो जायेंगे...


8. रिसर्च सायंटिस्ट....

       रिसर्च सायंटिस्ट की पोझिशन पर पोहोचणे के लिये भी आपको AI फील्ड का एक्सपर्ट बनना होगा. यानी मशीन लर्निंग अप्लाइड सायन्स और कम्प्युटेशनल statistics जैसे AI discipline मै आपको एक्सपर्टीज हासिल करनी होगी. आपके पास कम्प्युटर सायन्स या रिलेटेड टेक्निकल फील्ड मे मास्टर डिग्री या डॉक्टर डिग्री होनी चाहिये. इसके अलावा parallel computing , artificial intelligence , Algorithms ओर distributed computing के knowledge भी एक डोमेन मे आपकी ग्रोथ को सपोर्ट करेगी.


एनके अलावा आपको सॉफ्टवेअर आर्किटेक्ट , डेटा वेअर हाऊस इंजिनियर , प्रॉडक्ट मॅनेजर , फुल स्टॅक डेव्हलपर ओर फ्रंट इंड डेव्हलपर जेसे जॉब रोज भी मिल जायेंगे.


इन सभी AI के टॉप करिअर के जाणणे के बाद आपको ये भी पता होना चाहिये की आपको अप्लाय करणे से पेहले इन सभी स्किल्स का ज्ञान होना जरुरी है.

1. Understanding of artificial neural networks

2. Familiarity with Machine learning algorithms and libraries

3. Good command over UNIX tools 

4. knowledge of advance signal processing techniques

5. Distributed computing efficiency

6. Strong knowledge of mathematical and algorithms

7. Expertise in various programming languages like...

     Python , R , Java and C++

 वैसे टेक्निकल स्किल के अलावा आपके पास ये सॉफ्ट स्किल्स भी होनी चाहिये जैसे की....

1. Communication

2. Creativity

3. critical thinking

4. teamwork

5. decision making

6. Emotional intelligence

7. Leadership skills ......

      ओर जलद से जलद AI फील्ड मे decide पोझिशन पणे के लिये आपको बॅचलर डिग्री ओर मास्टर डिग्री के साथ साथ सर्टिफिकेशन को भी इम्पॉर्टन्स देनी चाहिये.

क्लाउड कंप्यूटिंग इंफॉर्मेशन(cloud computing information)

क्लाउड कंप्यूटिंग(cloud computing) 
     क्लाउड कंप्यूटिंग के बारे में आपने सुना ही होगा उसका इस्तेमाल आप करते होंगे अभी तक आपको पता है कि नहीं होगा कि क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है? आपको क्लाउड कंप्यूटिंग के बारे में इंफॉर्मेशन नहीं मिली हो तो आज हम जानेंगे कि क्लाउड कंप्यूटिंग क्या होता है? 
         क्लाउड कंप्यूटिंग क्या होता है? 
आप समझते होंगे कि अपने क्लाउड कंप्यूटिंग का यूज कभी किया ही नहीं पर आप जो ईमेल भेजते हैं, डॉक्यूमेंट को एडिट करते हो, मूवीस और टीवी देखते हो ,गेम्स खेलते हो सॉन्ग सुनते हो और फाइल को स्टोर करते हो यह सभी करने के पीछे क्लाउड कंप्यूटिंग का हाथ होता है । जो छोटी-छोटी एजेंसी बड़ी-बड़ी एजेंसी क्लाउड कंप्यूटिंग का इस्तेमाल कर रहे है। 
               हम सभी जो कंप्यूटर या लैपटॉप में फाइल सेव करते हो किसी फोल्डर में सेव करते यह काम अक्सर ऑफलाइन होता है हम सभी वह मोबाइल लैपटॉप बदल देते हैं तो वह फोल्डर हम नहीं खोज  पाते है। इसका पर्याय क्लाउड कंप्यूटिंग देता है डाटा को स्टोर करने के लिए इस्तेमाल की जाती क्लाउड कंप्यूटिंग कंप्यूटर सर्विसिंग की जरूरत होती उसमें
          1) सरवर(servers) 
           2) स्टोरेज( storage) 
              3) डेटाबेस( database) 
             4)नेटवर्किंग (networking) 
              5)सॉफ्टवेयर(software) 
                6) इंटेलिजेंट( intelligent) 
यह सभी शामिल  होता है। 
         मौसमी सुविधा इंटरनेट के जरिए पहुंच पाती है क्लाउड का मतलब है नेटवर्क से  हम सब कभी भी कहीं भी इसका वापस कर सकते हैं इसमें आप अपने फाइल को ऑनलाइन एडिट भी कर सकते हैं किसी भी फाइल को ऑनलाइन शेयर कर सकते हो और गूगल ड्राइवर जैसे फाइल में आप सेव कर सकते हो यानी कि क्लाउड कंप्यूटिंग का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान और सुरक्षित है। 
            अब हम आपको उदाहरण के जरिए क्लाउड कंप्यूटिंग क्या होता है यह समझाएंगे। 
    आप अपनी जो फाइल है वह किसी भी पेनड्राइव या अन्य किसी में भी स्टोर करके बाहर ले जा रहे हो पर आपके पास गूगल ड्राइव है तो आप उसमें सेव करके बिना किसी पेनड्राइव बिना ले जा सकते हो ।  आपको इसके लिए सिर्फ वहां नेटवर्क होना चाहिए और आप आसानी से अपना डाटा गूगल ड्राइवर से इस में सेव कर सकते हो और कहीं से भी फाइल को एक्सेस कर सकते हो । 
         क्लाउड कंप्यूटिंग के उदाहरण के बारे में अब हम जानेंगे (name of cloud computing example) 
     1) गूगल ड्राइव(google Drive) 
    2) ड्रॉप बॉक्स(Dropbox) 
      3) फेसबुक(Facebook) 
      4) जी-मेल(Gmail) 
       5) पिकासा(picasa) 
       6) फ्लिकर(Flickr) 
       7) सेलस्फोर्स (salesforce) 
       8) मार्केटिंग क्लाउड( adobe marketing cloud) 
        9) गूगल डॉक्स(Google Docs) 
         10) अमेजॉन वेब सर्विस(Amazon Web Services) 
          11) slide Rocket
           12) आईबीएम( IBM Cloud) 
क्लाउड कंप्यूटिंग बहुत सारे बेनिफिट देती है। क्लाउड कंप्यूटिंग को यूज करना बहुत ही आसान होता है आप कहीं भी मोबाइल पर लैपटॉप पर  क्लाउड कंप्यूटिंग का यूज कर सकते हो। कॉन्स्ट की बात करें तो इसकी कॉस्ट बहुत ही कम होती है । 
      अब हम जानेंगे कि क्लाउड कंप्यूटिंग का कितना होता है? 
       क्लाउड कंप्यूटिंग की स्पीड बहुत ही फास्ट होती है इस बिजनेस को बहुत ही आगे बढ़ाया जा सकता है। क्लाउड से कुछ काम आसान हो जाएगा तो इससे कंपनी को भी बहुत सारा प्रॉफिट मिलेगा। 
     क्लाउड कंप्यूटिंग की  पर फोन की बात करेंगे तो क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस बहुत ही सिक्योर(secure) और अपग्रेड(upgrade) होती है। इसलिए इनकी परफॉर्म हर बार बेहतर होती है और साथी (reliber) होने की बात करें तो क्लाउड कंप्यूटिंग डाटा बैकअप बहुत ही आसान बनाती है इसीलिए इसको एक (rilible) सर्विस कहा जाता है। 
     टाइप्स ऑफ़ क्लाउड कंप्यूटिंग(types of cloud computing) 
       एक ही तरह की सर्विस सभी के लिए सही नहीं होती है। क्लाउड कंप्यूटिंग साथ ही होता है। 
    1) public cloud
   2) Hybride cloud
    3) private cloud
      4) community cloud 
   इनमें से अपनी जरूरत से सही टाइप को लिया जाता है । इसलिए क्लाउड कंप्यूटिंग के टाइप जानना बहुत ही जरूरत होते हैं । 
क्लाउड कंप्यूटिंग के बारे में कुछ प्रश्न और उनके जवाब। 
प्रश्न 1) क्लाउड कंप्यूटिंग क्या  होता है? 
उत्तर- क्लाउड कंप्यूटिंग यह एक सौ से जिससे आप अपनी डॉक्यूमेंट फाइल या अपना जो देता है वह सिक्योर सेव किया जाता है। अपना जो देता है वह गूगल ड्राइवर यहां और बहुत से एप्लीकेशन में सेव किया जा सकता है। 
प्रश्न 2) क्लाउड कंप्यूटिंग का फायदा क्या होता है? 
उत्तर- क्लाउड कंप्यूटिंग का यह फायदा होते हैं  कि  या किसी भी फाइल को शिव की हर तरह से सेव करके रख सकता है।  आपको इसके लिए किसी भी  पेनड्राइव की जरूरत नही पड़ती। इससे आप अपना डाटा किधर भी सेव करके ले जा सकते हो। और किसी ने मोबाइल या लैपटॉप बदल दिया तो आपका डाटा cloud computing के सहारे  गूगल ड्राइव में सेव रहता है। 
प्रश्न 3) क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार कितने और कौन से होते हैं? 
उत्तर- क्लाउड कंप्यूटिंग की चार प्रकार होते हैं। 

  1) public cloud
   2) Hybride cloud
    3) private cloud
      4) community cloud
प्रश्न 4) क्लाउड कंप्यूटिंग का  इस्तेमाल  कहां  पर होता है? 
उत्तर - 1) गूगल ड्राइव(google Drive) 
    2) ड्रॉप बॉक्स(Dropbox) 
      3) फेसबुक(Facebook) 
      4) जी-मेल(Gmail) 
       5) पिकासा(picasa) 
       6) फ्लिकर(Flickr) 
       7) सेलस्फोर्स (salesforce) 
       8) मार्केटिंग क्लाउड( adobe marketing cloud) 
        9) गूगल डॉक्स(Google Docs) 
         10) अमेजॉन वेब सर्विस(Amazon Web Services) 
          11) slide Rocket
           12) आईबीएम( IBM Cloud) 

मशीन लर्निंग इंफॉर्मेशन-2 हिंदी( Machine learning information 2 in hindi)

 मशीन लर्निंग इंफॉर्मेशन
(machine learning information) 
   आज हम जानेंगे की मशीन लर्निंग के फायदे क्या होते हैं । (Use of machine learning) 
          मशीन लर्निंग की फायदे की बात की जाए तो इंसान की जिंदगी इससे बहुत ही आसान हो गई है जहां पर मशीन लर्निंग का इस्तेमाल लगातार हर क्षेत्र में कार्य को बेहतर करने के लिए करने के लिए करा जा रहा है । और इसके लिए लगातार मशीनों को और भी प्रभावी और कुशल बनाया जा रहा है मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किसी एक क्षेत्र पर रुका हुआ नहीं है। बल्कि तकनीक का फायदा लगभग हर क्षेत्र में हो रहा है जैसे build AI मै इससे भविष्य में होने वाली सिल्की अनुमान लगा जा सकती  है। साथी कस्टमर केयर ब्राउजिंग बिहेवियर  को समझने के लिए उचित प्रोडक्ट उनके लिए उनके स्क्रीन पर सुलझाए जा सकते हैं जिससे कस्टमर को देखें और सेल में बढ़ती हो जाए लिंकडइन में भी मशीन लर्निंग का बहुत सा इस्तेमाल किया जा रहा है । 
              मशीन लर्निंग का इस्तेमाल हॉस्पिटल में भी किया जाता है। उस से मनुष्य की बीमारी का पता चल जाता है। इससे काफी कम खर्च में स्वस्थ भी ठीक हो जाता है।  
             गूगल आप फेसबुक में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है यूजर को उचित विज्ञापन इसमें दिखाते है। मशीन लर्निंग का इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले को पकड़ने के लिए किया जाता है। भविष्य में मशीन लर्निंग का इस्तेमाल बहुत सी तकनीक में किया जा सकता है उसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा सकता है
      अब हम मशीन लर्निंग का इस्तेमाल इसमें होता है यह देखेंगे। 
     1) शॉपिंग वेबसाइट में मशीन लर्निंग इस्तेमाल बहुत ज्यादा तरीके से होता है। 
     2) सेल्फ ड्राइविंग कार में भी मशीन  लर्निंग का इस्तेमाल होता है। 
    3) जो आपका ईमेल प्रेम होता है उसको ट्रैक करने में मशीन लर्निंग का बहुत बड़ा हिस्सा होता है।   4) आजकल सोशल मीडिया में भी मशीन लर्निंग का बहुत सा इस्तेमाल किया जा रहा है। 
   5) जो ऑनलाइन वीडियो होते हैं उसको (streaming) करने के लिए मशीन लर्निंग का वहां पर होता है। 
मशीन लर्निंग बहुत बड़ा विषय है इसको हम सविस्तर में देखेंगे।
  
   

आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स - 2 (information in Hindi) Artificial intelligence - 2

          आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स

चलीये....आज हम आपको अभी के समय मे उपलब्ध होने वाले कुछ AI के उदाहरण देते है..

1. आपने apple फोन तो देखा होगा इसकी सबसे लोकप्रिय पर्सनल असिस्टंट सिरी के बारे मे भी जरूर सुना होगा सिरी AI का सबसे बेहतरीन उदाहरण है.... इसे आप वो सारी चीजे कर सकते है जो आप पहिले इंटरनेट पर टाईप करके किया करते थे... जसे मेसेज सेंड करना , इंटरनेटसे इन्फॉर्मेशन धुडना , कोई एप्लीकेशन ओपन करना , टाईमर सेट करना , अलार्म लगाना..... इत्यादी मोबाईल को बिना हात लगाये hey Siri....... कहकर करवा सकते है. सिरी आपकी भाषा और सवालों को समझने के लिए मशीन लर्निंग टेक्नॉलॉजी का इस्तेमाल करती है.. खाला की यह सिर्फ आयफोन और आयपॅडमी उपलब्ध है. इसी तरह अलेक्सा डिवाइस , विंडोज का कोर्टाना और अँड्रॉइड फोन की पर्सनल असिस्टंट गुगल असिस्टंट हे जो की सिरी की तरह काम करने के लिए उपयोग किये जाते है.

2. गुगल अपने कई क्षेत्र में AI का इस्तेमाल करता है लेकिन गुगल मॅप मे AI टेक्नॉलॉजी का अच्छा इस्तेमाल हुआ है. गुगल मॅप हमारी लोकेशन को ट्रॅक करती है और हमे सही रास्ता बताने के लिए एनाबल मॅपिंग का भी इस्तमाल करती है.. और हमे सही रूट बताने में मदत करती है...

3. लोकप्रिय ई-कॉमर्स वेबसाईट ॲमेझॉन ने भी एक ऐसा रिव्होल्यूशनरी प्रोडक्ट लाँच किया हे .. जिसका नाम है इको... ये आपके सवालों की जवाब दे सकता है..... आपके लिये ऑडिओ बुक पढ सकता है.... आपका ट्रॅफिक का हाल और वेदर रिपोर्ट बता सकता है... किसी भी स्पोर्ट का स्कोर और शेड्युल भी बता सकता है.....

4. AI का इस्तेमाल सिर्फ स्मार्टफोन मे ही नही बल्की ऑटोमोबाईल्स क्षेत्र मे भी इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है.. अगर आप कार पसंद करते है तो आपको टेसला कार की जानकारी जरूर होगी... ये कार अब तक उपलब्ध सबसे बेहतरीन ऑटोमोबाईल्स मे से एक है.... टेसला कार से जुडणे के बाद इसमे सेल्फ ड्राइविंग जैसे फीचर उपलब्ध है... ऐसे ही न जाने कितनी से ड्राइविंग कार्स बन रही है.. जो आने वाले वक्त मे भी और स्मार्ट हो जायेगी...

5. AI का इस्तेमाल मॅन्युफॅक्चरिंग फॅक्टरी मे भी बहुत जोरो से हो रहा हैं. पहले जिस काम को करने के लिये
सेकडो लोग लागते ते वही आज मशीन की मदत से वही काम जल्दी और बेहतर किया जा रहा है...

6. हमे व्हिडिओ गेम्स मे भी AI की झलक मिलती है... कई सारे गेम्स को हमे कंप्यूटर की मदत से खेलना पडता है.. जसे की चेस और लूडो....

इन सबके अलावा AI का इस्तेमाल स्पीच रेकॉग्निशन , कम्प्युटर विजन , रोबोटिक्स , फायनान्स , वेदर फॉर कास्टिंग , हेल्थ इंडस्ट्री और इवोल्युशन मे भी होता है...

चले दोस्तो अब हम जायेंगे की आर्टिफिशल इंटेलिजन्स के क्या फायदे है.....
1. AI एरर को कम करने मे हमारी मदत करता है और अधिक accuracy के साथ सटिकता हासिल करने की संभावना बढ जाती है..

2. AI का उपयोग करणे से तेजी से निर्णय लेने और जल्दी से कार्य करणे मे सहायता मिलती है..

3. मनुष्य के विपरीत मशीन्स को लगातार आराम और रिफ्रेशमेंट की आवश्यकता नही होती. वह लंबे समय तक काम करने के लिए काबिल होते है. और ना तो उठते है ना विचलित होते हे.. और ना ही थकते है...

4. AI की मदत से संचार , रक्षा , स्वास्थ , आपदा प्रबंधन और कृषी आधी क्षेत्र में बडा बदलाव आ सकता है ..

चलिये अब हम जायेंगे की आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स के क्या नुकसान हे...
1. आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स के लाभ अभि स्पष्ट नही है. लेकिन इसके खतरों को लेकर कहा जा सकता है मनुष्य सृष्टी काही होगा.

2. AI मनुष्य के स्थान पर काम करेंगे और मशीने स्वयं ही निर्णय लेंगे और उन पर नियंत्रण नही किया गया तो इसे मनुष्य के लिए खतरा भी उत्पन्न हो सकता है..

3. वैज्ञानिकों का केहना है कि सोचने समझने वाले रोबोट अगर किसी कारण परिस्थिती मे मनुष्य को अपना दुश्मन मानने लगे तो मानवता के लिए खतरा पैदा हो सकता है.

4. आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स के निर्माण के लिए भारी लागद की आवश्यकता होती है बहुत ही कॉम्प्लेक्स मशीन होती है उनकी मरमत और रखरखाव के लिये भारी लागद की आवश्यकता होती है...

5. इसमे कोई शक नही है की AI की टेक्नॉलॉजी कई सारी नोकरीयो को मनुष्य से छिन रही है. जिसके कारण भविष्य मे रोजगारी की समस्या और भी बढने वाली है.

Google के CEO सुंदर पिचाई का कहना है कि 
" मानवता के फायदे के लिए हमने आग और बिजली का इस्तेमाल तो करना सीख लीया हे लेकिन इसके बुरे पहलूओ से उबरना जरुरी है..."

इसी प्रकार आर्टिफिशल इंटेलिजन्स एक एसी तकनीक है.. और इसका इस्तमाल भी हम अपने फायदे के लिए बहुतेक क्षेत्र में कर रहे है.. लेकिन सच है भी है की अगर इससे होने वाले जोखीम से बचने का तरीका नहीं धुंडा गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते है... क्युंकी तमाम लाभों के बावजूद अपने खतरे है.. आर्टिफिशल इंटेलिजन्स आणि से हमे जो सुविधाए मिल रही है.... आने वाली समय मे इसका कैसा परिणाम होने वाला है ईसके बारे मे आप क्या सोचते है अपनी राय आप हमे जरूर बताये.......
आशा आहे की इस ब्लॉग से आपको आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स क्या है ?.... इसका उपयोग कहा हो रहा है?...... इस के क्या फायदे है और क्या नुकसान है इस से जुडी सारी जानकारी मिल गई होंगी..... हमारी हमेशा से यही कोशिश रहती है की इन ब्लॉग के जरीये आपको दिये गये विषय पर पुरी जानकारी प्राप्त हो ताकी आपको कही और जाना ना पडे...

मशीन लर्निंग (machine learning) की इंफोर्मेशन (information)

                             मशीन  लर्निंग
                           ( machine learning) 
आज के समय में विज्ञान का क्षेत्र बहुत तरक्की कर रहा है। कलम से लेकर लैपटॉप तक सब कुछ विज्ञान पर है। हमारी यह दुनिया सारी मशीन और गैजेट से भरी हुई हे दोस्तों मानव समाज के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। कंप्यूटर इन अद्भुत खोजों में से एक है जिसमे मानव जीवन को  सभी क्षेत्रों में प्रभावित किया हुआ है । शुरुआती दिनों में कंप्यूटर इतने सक्षम नहीं थे लगातार विकास के कारण आज हमारे हर एक काम में कंप्यूटर जरूरत बन गया है आने वाले समय में मशीन की उपयोग शुरू होने वाली है यहां तो हम यह कह सकते हैं कि इसकी शुरुआत हो चुकी है जहां कंप्यूटर हैं वह मनुष्य की तरह सोचता है तो हम यह बोल सकते हैं कि वह सोचने की क्षमता रखता है आज हम इस में यह मशीन  बारे में जानेंगे दोस्तों  आप सभी ने इसका नाम सुना ही होगा । 
 आज हम मशीन लर्निंग क्या है? 
  यह काम कैसे करती है ? 
इसके क्या फायदे होते   है  ? 
मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक भाग होता है। यह सिस्टम को यह काबिलियत प्रदान करता है कि ऑटोमेटेकली काम कर सके  और खुद को बेहतर बनाया सके । मशीन लर्निंग फर्स्ट ग्रुप में एक सिस्टम को ऑटोमेटेकली करना सिखा सकती है । इसमें सिस्टम को कार्य करने के लिए इतना कुशल बना दिया जाता है एक की मशीन अपने पिछले आधार पर उस कार्य को पूरा कर सकें और लगातार उसमें सुधार कर सकें जैसे कि हम इंसान करते हैं हम अपने अच्छे बुरे से बहुत सही कुछ ना कुछ लिखते हैं और भविष्य में उसके आधार पर कार्य पूरा करते हैं मशीन लर्निंग का कांसेप्ट इसी आधार पर बनाए गए हर किसी एक विशिष्ट पर कंप्यूटर मशीन को इस तरह प्रदान किया जाता है कि वह यूजर के  अधिक  काम कर सके  साथी यूजर की  कमांड और उसे जुड़े सभी डाटा को स्टोर कर सकें। मशीन लर्निंग कंप्यूटर के प्रोग्राम के विकास पर अपस फोकस करता है जो डाटा को खुद ही एक्सिस कर सके और बाद में उसे खुद की लर्निंग  कि लर्निंग के लिए इस्तेमाल कर सकें मशीन के सीखने के लिए प्रक्रिया में डाटा और ऑब्जरवेशन शुरू होती है जिसमें डायरेक्ट और इंस्ट्रक्शन के जरिए मशीन प्राप्त डाटा में पैटर्न की तलाश कर सकी और भविष्य में मनुष्य द्वारा दिए हुए उदाहरणों के आधार पर बेहतर मशीन लर्निंग बनाने का मुख्य कारण यही है कंप्यूटर बिना किसी इंसान के बिना संहिता से सारा काम सीख सके उसके अनुसार ही कार्य को विराम दें आसान भाषा में कहें तो मनुष्य अपने  जेसी सोचने वाली मशीन बनाना चाहता है। 
      अब हम जानेगी की मशीन(machine learning) कैसे काम करता है ? 
मशीन लर्निंग कृत्रिम AI  का एक रूप है जो कि कंप्यूटर इंसान के समान सोचने की तरीके के बारे में सोचना सिखाता है जैसे पिछले अनुभवों से और उससे कुछ सीखना और उसने सुधार लाना डाटा की खोज पैटर्न की खोज काम करता है और इसमें भी कम से कम मनुष्य शामिल होता है मशीन लर्निंग को इतना मूल्यवान बनाने का जो पता लगाने की क्षमता रखता है कि डाटा को रीड कलेक्ट करते समय मानव की नजर से क्या छूट गया है मशीन लर्निंग मॉडल यह छुपे हुए पैटर्न को पकड़ने के लिए सक्षम है मनुष्य  से अनदेखा किया जाता है मशीन लर्निंग के काम करने के समझने के लिए इसके प्रकार को समझना बहुत ही जरूरी होता है सामान्य रूप से मशीन लर्निंग एल्गोरिथम चार प्रकार के होते हैं। 
1)       सुपरवाइज्ड लर्निंग( supervised learning) 
2)    अनसुपरवाइज्ड लर्निंग(unsupervised learning) 
3) सेमी  सुपरवाइज्ड लर्निंग( semi supervised learning) 
4) रेन फोर्समेंट मशीन लर्निंग   (reinforcement machine learning) 
हम सबसे पहले बात करते हैं सुपरवाइज्ड लर्निंग(supervised learning) इस प्रकार के एल्गोरिदम अपने पिछले अनुभवों से मशीन कुछ लिखा हुआ होता है । यह नए डाटा में नहीं तरक्की लागू करता है ताकि वह पहले से दिए हुए उदाहरण का इस्तेमाल करके भविष्य में होने वाले घटनाओं का अनुमान लगा सके यह अंगूठी काम करता है कि जिस तरह से मनुष्य वास्तव में अपने  अनुभवों से सीखते हैं इस लर्निंग में इनपुट के तौर पर अलग-अलग उदाहरण पर तथा जवाब दिए जाते जैसे कि एल्गोरिदम किसी उदाहरण से सिखाती है। और एक इनपुट के आधार पर किसी आउटपुट का अनुमान पहले से ही लगाती
              अब हम अनसुपरवाइज्ड मशीन(unsupervised learning) लर्निंग के बारे में  जानेंगे। इसमें इनपुट के रूप में उदाहरण जवाब पहले से नहीं दिए जाते इसमें अगर हमको खुद ही डाटा के आधार पर अनुमान लगाना होता है एल्गोरिदम टेस्ट डाटा से सीखते हैं जिन्हें पहले से लेवल क्लासिफाइड नहीं दिया गया है। अनसुपरवाइज्ड लर्निंग डाटा समान तो की पहचान इसमें करता है और डाटा हर नए टुकड़े से ऐसे समानता की उपस्थिति पर अनुपस्थिति के आधार पर आउटपुट देता है। 
        अब नंबर 3 सेमी सुपरवाइज्ड लर्निंग( semi supervised learning) यह एल्गोरिदम दोनों अरे गुरु दम यानी सुपरवाइज्ड लर्निंग और अनसुपरवाइज्ड लर्निंग इन दोनों के बीच में आने वाला सेमी सुपरवाइज्ड लर्निंग होता है। क्योंकि प्रशिक्षण के लिए दोनों लेवल और अनलेवल डाटा का इस्तेमाल करता है । जो सिस्टम एल्गोरिदम इसका इस्तेमाल करता है बड़ी आसानी से अपनी एबिलिटी को समय-समय पर काफी सुधार करने में बहुत ही सक्षम होता है। 
 अब नंबर 4 रेनफॉरसीमेंट लर्निंग( reinforcement learning) सीखने की विधि है की क्रियाओं को प्रस्तुत करके अपने आसपास के वातावरण से बातचीत करता है और साथ ट्रेन और एरियर को सर्च के लिए एल्गोरिदम की खासियत होती है। इमेजिन मशीन और सॉफ्टवेयर मशीन एजेंट को किसी विशेष पर निर्देश के गति के तौर पर उसे पता लगने के लिए सहायता करता है जिससे सिस्टम की  परफॉर्म को और बेहतर बना सकता । 
     हम जानेंगे की मशीन लर्निंग(machine learning)का इस्तेमाल कहां पर किया जाता है?     मशीन लर्निंग का उपयोग करके गूगल बहुत से नई चीजें कर रहा है जैसे कि गूगल ट्रांसलेट सड़क पर लगे बैनर को ट्रांसलेट करने के लिए गूगल ट्रांसलेट का यूज़ होता है असल में मशीन लर्निंग का ही कमाल होता है गूगल ट्रांसलेट बोल सकते हैं उदा गूगल वॉइस में कुछ भी बात कर सकते हैं यह मशीन लर्निंग का ही कमाल है मशीन लर्निंग का यूज और बहुत सी जगह पर किया जा रहा है जैसे कि फेसबुक अमेजॉन जीमेल के ईमेल और बहुत से जगह पर मशीन  का वापर किया जा रहा है। 



Data Types in C (part 2)

        Data Types in C.......             Today, we will continue our discussion on integer data type. Our outline for today...